India US trade deal: भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से अटके व्यापार समझौते पर अब बर्फ पिघलती दिख रही है। ट्रंप प्रशासन के टैरिफ नीतियों के बाद रिश्तों में आई तल्खी अब दोस्ताना वार्ताओं में बदलती नजर आ रही है। सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल जल्द ही वॉशिंगटन दौरे पर जा सकते हैं, जहां दोनों देशों के बीच व्यापारिक सहयोग को नई दिशा देने की संभावना है।

ट्रंप के टैरिफ और भारत की सख्ती
डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद भारत समेत कई देशों पर जवाबी टैरिफ (Reciprocal Tariffs) लगाए गए थे। भारत के साथ व्यापार समझौता न हो पाने के कारण पहले 25% और फिर रूसी तेल खरीद को लेकर अतिरिक्त 25% शुल्क लगाया गया था। लेकिन भारत ने अमेरिकी दबाव के आगे झुकने से इनकार कर दिया। इसके उलट, भारत ने रूस और चीन के साथ अपने संबंध और मजबूत कर लिए।

ट्रंप को एहसास हुआ कि एशिया नीति पटरी से उतर रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को ‘प्रिय मित्र’ कहकर जन्मदिन की बधाई दी और रिश्ते सुधारने की पहल की। इसके बाद 16 सितंबर को एक अमेरिकी व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल भारत पहुंचा।
7 घंटे की बातचीत और सकारात्मक संकेत
सूत्रों की मानें तो अमेरिकी अधिकारी ब्रेंडन लिंच और वाणिज्य मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश अग्रवाल के बीच 7 घंटे तक गहन वार्ता हुई। इसके बाद सरकार ने संकेत दिए कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौता सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रहा है।
इन चर्चाओं के बाद ही पीयूष गोयल के संभावित वॉशिंगटन दौरे की जानकारी सामने आई है। माना जा रहा है कि इस दौरे के दौरान अंतिम दौर की बातचीत होगी और अगर सब कुछ सही रहा तो भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौते (Free Trade Agreement) की घोषणा हो सकती है।
कृषि, मत्स्य और डेयरी उत्पाद बना बड़ी बाधा
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते में सबसे बड़ी बाधा कृषि, मछली और डेयरी उत्पादों के बाजार खोलने की अमेरिकी मांग रही है। अमेरिका चाहता है कि भारत इन क्षेत्रों को अपने बाजार के लिए खोले, लेकिन भारत अब तक इस पर राजी नहीं हुआ है। कारण साफ है—अगर यह बाज़ार खोले गए तो भारतीय किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।
दिलचस्प बात यह है कि ब्रिटेन के साथ हुए व्यापार समझौते में भी भारत ने इन तीन क्षेत्रों को समझौते से बाहर रखा था। इससे साफ है कि भारत अपनी कृषि नीति और किसानों के हितों से कोई समझौता नहीं करेगा।
पीयूष गोयल का संभावित अमेरिका दौरा इस ओर इशारा करता है कि भारत और अमेरिका के रिश्ते अब आर्थिक मोर्चे पर पटरी पर लौट रहे हैं। ट्रंप के टैरिफ कांटे को हटाकर अगर दोनों देश मुक्त व्यापार की राह पर बढ़ते हैं, तो यह वैश्विक व्यापारिक समीकरणों को भी प्रभावित करेगा।
Read More: Palestine statehood 2025: अब पुर्तगाल भी देगा फिलिस्तीन को राष्ट्र का दर्जा, पीएम लुइज ने किया ऐलान











