संसद के मानसून सत्र में विपक्ष ने राम मंदिर चंदा चोरी के आरोपों को लेकर प्रदर्शन किया और सरकार से जवाब मांगा। इस दौरान गृह मंत्री अमित शाह की अनुपस्थिति को लेकर भी विपक्षी नेताओं ने सवाल उठाए और राजनीतिक माहौल गरमा गया।
संसद के मानसून सत्र में विपक्ष ने राम मंदिर चंदा चोरी के आरोपों को लेकर प्रदर्शन किया और सरकार से जवाब मांगा। इस दौरान गृह मंत्री अमित शाह की अनुपस्थिति को लेकर भी विपक्षी नेताओं ने सवाल उठाए और राजनीतिक माहौल गरमा गया।

Parliament Protest: संसद की कार्यवाही शुरू होने से पहले विपक्षी सांसदों ने एक बार फिर संसद परिसर में प्रदर्शन किया। विपक्ष ने कई मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा और सरकार से जवाब देने की मांग की। कांग्रेस महासचिव और सांसद प्रियंका गांधी के नेतृत्व में विपक्षी सांसदों ने संसद के मकर द्वार पर विरोध प्रदर्शन किया।प्रदर्शन के दौरान विपक्षी सांसदों ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की संसद में अनुपस्थिति को लेकर सवाल उठाए। विपक्ष का कहना है कि देश से जुड़े गंभीर मुद्दों पर गृह मंत्री को सदन में आकर अपनी बात रखनी चाहिए और जनता के सवालों का जवाब देना चाहिए।


विपक्षी दलों ने राम मंदिर में चंदे से जुड़े कथित अनियमितताओं के मामले को भी प्रदर्शन का प्रमुख मुद्दा बनाया। सांसदों ने आरोप लगाया कि राम मंदिर के लिए लोगों द्वारा दिए गए चंदे को लेकर उठ रहे सवालों पर सरकार को जवाब देना चाहिए।कांग्रेस ने कहा कि राम मंदिर में कथित ‘चढ़ावा चोरी’ और छात्रों के खिलाफ हुई कार्रवाई जैसे मुद्दों को लेकर विपक्ष लगातार आवाज उठा रहा है। पार्टी का कहना है कि सरकार इन मामलों पर जवाब देने से बच नहीं सकती और उसे देश की जनता के सामने अपनी स्थिति स्पष्ट करनी होगी।

कांग्रेस ने प्रदर्शन के बाद केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि देश के सामने कई गंभीर सवाल हैं, जिनका जवाब सरकार को देना होगा। पार्टी ने आरोप लगाया कि सरकार महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा से बचने की कोशिश कर रही है।कांग्रेस नेताओं का कहना है कि राम मंदिर से जुड़े चंदे का मामला हो या छात्रों से जुड़े आंदोलन का विषय, दोनों ही मुद्दे जनता से जुड़े हुए हैं। विपक्ष का कहना है कि लोकतंत्र में सरकार की जिम्मेदारी है कि वह संसद में आकर सवालों का जवाब दे।
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा कि गृह मंत्री अमित शाह को संसद में आकर देश के सामने स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि देश की आने वाली पीढ़ियों से जुड़े मामलों पर सदन में चर्चा होना जरूरी है।पवन खेड़ा ने कहा कि चाहे राम मंदिर चंदे से जुड़ा मामला हो या युवाओं के भविष्य से जुड़ा कोई विषय, दोनों ही बेहद महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि यदि सरकार संसद की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाना चाहती है तो उसे विपक्ष की मांगों पर चर्चा के लिए आगे आना होगा।
तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद सौगत राय ने भी विपक्ष के प्रदर्शन का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि विपक्ष चाहता है कि गृह मंत्री इस मुद्दे पर जवाब दें और सरकार राम मंदिर चंदे से जुड़े सवालों पर अपनी स्थिति स्पष्ट करे।वहीं, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के सांसद डॉ. जॉन ब्रिटास ने भी गृह मंत्री और प्रधानमंत्री की संसद में उपस्थिति को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि विपक्ष केवल गृह मंत्री से बयान की मांग कर रहा है ताकि देश को वास्तविक स्थिति की जानकारी मिल सके।

डॉ. जॉन ब्रिटास ने राजधानी में हुए छात्र आंदोलन का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों को नियंत्रित करने के लिए पुलिस द्वारा सख्त तरीकों का इस्तेमाल किया गया। विपक्ष का कहना है कि इस पूरे मामले पर गृह मंत्री को सदन में आकर जानकारी देनी चाहिए।उन्होंने कहा कि विपक्ष यह जानना चाहता है कि घटनाओं के दौरान वास्तव में क्या हुआ और सरकार ने इस मामले में क्या कदम उठाए हैं। फिलहाल संसद परिसर में विपक्ष का प्रदर्शन जारी है और सरकार से जवाब की मांग तेज हो गई है।
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