Netanyahu Gaza Plan: गाजा युद्ध शुरू होने के करीब दो साल बाद, इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने गाजा पट्टी पर पूर्ण कब्जा करने की योजना (बिग गाजा प्लान) पर काम तेज कर दिया है। हालांकि, इस योजना को लेकर इजराइली सेना के शीर्ष नेतृत्व में गंभीर मतभेद उभर कर सामने आए हैं।
इजराइली डिफेंस फोर्स (IDF) के चीफ ऑफ स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल एयाल जमीर ने नेतन्याहू की इस योजना का कड़ा विरोध जताया है। जमीर ने चेतावनी दी है कि गाजा पर पूर्ण कब्जे की कोशिश से वहां बंदी बनाए गए करीब 20 इजराइली नागरिकों की जान को गंभीर खतरा होगा। उन्होंने कहा कि यह कदम इजराइल को एक थकाऊ, लंबी अवधि के युद्ध में उलझा सकता है, जो दोनों पक्षों के लिए भारी नुकसानदायक होगा।
फिलहाल, इजराइली सेना गाजा के लगभग 75 फीसदी हिस्से पर नियंत्रण बनाए हुए है, लेकिन नेतन्याहू और उनके करीबी सहयोगी अब पूरी गाजा पट्टी पर कब्जा करना चाहते हैं। नेतन्याहू के कई सहयोगियों ने आर्मी चीफ जमीर से इस योजना के खिलाफ खड़े होने पर इस्तीफा देने की मांग की है। एक अधिकारी ने इजराइली मीडिया को बताया, “फैसला हो चुका है, हम गाजा पर पूर्ण कब्जे की ओर बढ़ रहे हैं। यदि जमीर इसके खिलाफ हैं, तो उन्हें इस्तीफा देना चाहिए।”
इजराइल के राजनीतिक और सैन्य नेतृत्व के बीच तनाव नया नहीं है। गाजा युद्ध के दौरान कई बार नेतन्याहू के फैसलों पर सवाल उठे हैं। आंतरिक खुफिया एजेंसी शिन बेट के प्रमुख रॉनन बार को हटाने की नेतन्याहू की योजना को भी कोर्ट ने रोका था। इसी बीच मार्च 2025 में IDF के पूर्व चीफ हर्शी हलेवी ने इस्तीफा दे दिया था। नवंबर 2024 में तत्कालीन रक्षा मंत्री गैलेंट को भी ‘विश्वास संकट’ के चलते पद से हटाया गया था।
नेतन्याहू के कट्टरपंथी सहयोगी, जैसे वित्त मंत्री बेजालेल स्मोटरिच और राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन-गवीर, गाजा पर सैन्य शासन लागू करने और बाद में उसे इजराइल में शामिल करने की मांग कर रहे हैं। वे गाजा में यहूदी बस्तियों की पुनर्स्थापना का समर्थन कर रहे हैं, जिससे क्षेत्रीय तनाव और बढ़ने की आशंका है।
दूसरी ओर, गाजा की मानवीय स्थिति बेहद भयावह बनी हुई है। यूनिसेफ की ताजा रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि अक्टूबर 2023 से अब तक गाजा में 18 हजार से ज्यादा बच्चे मारे जा चुके हैं। वहीं, हर दिन औसतन 28 बच्चे इजराइली बमबारी और मानवीय सहायता के अभाव में अपनी जान गंवा रहे हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि कुपोषण, सहायता की कमी और बमबारी के कारण हालात और बिगड़ रहे हैं। सिर्फ बीते 24 घंटे में आठ लोग, जिनमें एक बच्चा भी शामिल है, भूखमरी से मारे गए। अब तक गाजा में 188 लोगों की भूख से मौत हुई है, जिनमें 94 बच्चे हैं।
गाजा युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक कुल 60,933 लोग मारे जा चुके हैं, जबकि घायल लोगों की संख्या 1.5 लाख से अधिक है। इस पूरे परिदृश्य में नेतन्याहू के ‘बिग गाजा प्लान’ के आगे का रास्ता कितना सहज होगा, यह इस बात पर निर्भर करेगा कि सैन्य नेतृत्व की आपत्तियों और राजनीतिक दबावों के बीच संतुलन कैसे बनाया जाता है। फिलहाल, गाजा की भयावह स्थिति और बंधकों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं लगातार बढ़ रही हैं।
Read More : Illegal Liquor Chhattisgarh : छत्तीसगढ़ में 51 लाख की अवैध शराब पकड़ी गई, बिहार चुनाव में खपाने की थी योजना
RCB vs GT Match Result: इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 के रोमांचक सफर में रॉयल…
Why Mobile Network Fails in Lift: हम सभी ने कभी न कभी यह अनुभव किया…
SRK King Movie Update: साल 2026 भारतीय सिनेमा के लिए बेहद ऐतिहासिक साबित हो रहा…
Rare Snake : भारत के जैव विविधता के खजाने में एक और अनमोल रत्न जुड़…
Ambikapur Municipal Budget : अंबिकापुर नगर निगम की सामान्य सभा में शुक्रवार को महापौर मंजूषा…
Karnataka SC Reservation News: बेंगलुरु में आयोजित मुख्यमंत्री सिद्धारमैया की अध्यक्षता वाली कैबिनेट बैठक में…
This website uses cookies.