Ayatollah Khamenei Funeral: खामेनेई को विदाई में भावुक हुए गालीबाफ और अराघची, रोते हुए VIDEO वायरल

Ayatollah Khamenei Funeral:  ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार के दौरान तेहरान का माहौल अत्यंत गमगीन और भावुक रहा। ग्रैंड मोसाला मस्जिद में आयोजित अंतिम दर्शन के समय ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालीबाफ और विदेश मंत्री अब्बास अराघची अपने प्रिय नेता को श्रद्धांजलि देते समय खुद को संभाल नहीं सके और फूट-फूटकर रो पड़े। उनके रोने की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं, जो देश के शीर्ष नेतृत्व के लिए खामेनेई के प्रति उनके गहरे सम्मान और लगाव को दर्शाते हैं। फार्स न्यूज एजेंसी के अनुसार, शुक्रवार से शुरू हुए इस शोक समारोह में देश के बड़े सैन्य अधिकारियों से लेकर आम जनता तक बड़ी संख्या में लोग जुट रहे हैं।

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भारत का उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल और विश्व जगत की उपस्थिति

खामेनेई के अंतिम संस्कार को ईरान की एकता और राजनीतिक दृढ़ता के प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि पश्चिमी देशों के नेता इस समारोह से दूर हैं, लेकिन कई मित्र देशों के प्रतिनिधिमंडल ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। भारत ने भी इस अवसर पर अपना उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल तेहरान भेजा, जिसमें बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) सैयद अता हसनैन और विदेश राज्य मंत्री पवित्र मार्गेरिटा शामिल थे। हसनैन ने सोशल मीडिया पर संदेश साझा करते हुए कहा कि उन्होंने पवित्र मार्गेरिटा के साथ भारत का प्रतिनिधित्व किया और संघर्ष में जान गंवाने वालों के प्रति संवेदना व्यक्त की। इसके अतिरिक्त, कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद और पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने भी तेहरान पहुंचकर दिवंगत नेता को आखिरी सलाम पेश किया।

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जनसमर्थन का प्रदर्शन: करोड़ों लोगों के जुटने का अनुमान

ईरान सरकार और वहां के धार्मिक नेतृत्व ने इन समारोहों को भव्य रूप दिया है। नौ जुलाई तक चलने वाले इन कार्यक्रमों को केवल राजकीय शोक तक सीमित न रखकर, इसे ईरान अपनी धार्मिक और राजनीतिक ताकत के प्रदर्शन के रूप में देख रहा है। अनुमान है कि इन पांच दिनों के दौरान तेहरान और अन्य शहरों में 1.5 से 2 करोड़ लोग सड़कों पर उतरकर अपने नेता को श्रद्धांजलि देंगे। सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच, ग्रैंड मोसाला मस्जिद में न केवल अली खामेनेई, बल्कि उनके परिवार के अन्य सदस्यों के ताबूत भी अंतिम दर्शन के लिए रखे गए हैं, जिनमें उनकी बेटी, पोती और अन्य परिजन शामिल हैं।

शिया परंपरा और शव को संरक्षित रखने की प्रक्रिया

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, खामेनेई के पार्थिव शरीर को अंतिम संस्कार में देरी के कारण फोरेंसिक मोर्चरी के रेफ्रिजरेटेड कोल्ड स्टोरेज में सुरक्षित रखा गया था। चूँकि इस्लाम में रसायनों के माध्यम से शव को संरक्षित करने की अनुमति नहीं है, इसलिए शिया परंपराओं के तहत धार्मिक अनुमति लेकर केवल कम तापमान का उपयोग किया गया। यह असाधारण कदम युद्ध जैसी परिस्थितियों के कारण उठाया गया ताकि उनके पार्थिव शरीर की गरिमा बनी रहे। यह अंतिम विदाई समारोह न केवल एक नेता को विदा करने का माध्यम है, बल्कि ईरान की जनता के लिए अपने राष्ट्र और विचारधारा के प्रति अटूट निष्ठा को दोहराने का भी एक बड़ा अवसर बन गया है।

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